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आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मानदेय निर्धारण व सेवा सुरक्षा हो



लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रदेश के पांच लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय निर्धारण व सेवा संरक्षण पर निर्णय लेने में हो रही देरी पर बुधवार को प्रमुख सचिव श्रम डॉ. एमकेएस सुंदरम से मिलकर वार्ता की। प्रमुख सचिव ने सभी मुद्दों को सुनने के बाद सकारात्मक वार्ता का आश्वासन दिया।

परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी व महामंत्री अरुणा शुक्ला के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख सचिव श्रम से आउटसोर्स कर्मियों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। प्रमुख सचिव श्रम ने बताया कि आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम मानदेय देने व कॉरपोरेशन बनाने का प्रकरण प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन के पास अंतिम निर्णय के लिए भेजा गया है। जल्द ही इस पर ठोस निर्णय होगा।

प्रतिनिधिमंडल ने श्रम विभाग के 2021 में श्रमिक कल्याण के लिए जारी आदेश का हवाला देते हुए आउटसोर्स कर्मियों को चिकित्सीय, आकस्मिक, वार्षिक व साप्ताहिक अवकाश देने की व्यवस्था है। किंतु माध्यमिक शिक्षा विभाग सहित कई विभागों मे इसका अनुपालन नहीं हो रहा है।

प्रमुख सचिव श्रम ने कहा कि इस प्रकरण पर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इस आदेश को सख्ती से लागू करने का फिर से निर्देश जारी करेंगे। वहीं उद्यान विभाग के आउटसोर्स कर्मियों का हर साल दक्षता परीक्षण कराने के बारे में प्रमुख सचिव ने आश्वस्त किया कि विभाग से वार्ता कर समस्या का निस्तारण कराया जायगा।

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