प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति की मृत्यु के बाद आश्रित कोटे में नौकरी कर रही बहू के वेतन से प्रत्येक माह साढ़े सात हजार रुपये की कटौती कर उक्त धनराशि वृद्ध ससुर के बैंक खाते में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि दो साल बाद वेतन बढ़ने पर गुजारा भत्ते का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा लेकिन ससुर को बकाया नहीं मिलेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने दिया है।
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