बिजनौर,। एआरपी पद के इच्छुक शिक्षकों की शैक्षिक दक्षता की पोल तब खुल गई जब यह शिक्षक अपने विषयों की परीक्षा भी उत्तीर्ण नहीं कर पाए। अंग्रेजी विषय में जहां सभी सात के सात शिक्षक फेल हो गए, वहीं हिंदी में भी दस में से सिर्फ तीन शिक्षक ही पास हो पाए। अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बेसिक स्कूलों में शैक्षिक सपोर्ट की चाह रखने वाले अध्यापकों खुद कितनी सपोर्ट की जरूरत है।
एआरपी पद के लिए हुई लिखित परीक्षा में चौंकाने वाले व शर्मनाक आंकड़े सामने आए हैं। जहां अंग्रेजी विषय में सात शिक्षकों में से एक भी शिक्षक सफल नहीं हो पाया, वहीं हिंदी विषय में केवल तीन अध्यापक ही परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। यह हाल उन शिक्षकों का है, जिन्हें एआरपी बनाकर दूसरे विद्यालयों में भेजा जाना था, ताकि वे वहां के शिक्षकों को शैक्षिक सपोर्ट दे सकें।
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