रांची, हिन्दु्स्तान ब्यूरो। झारखंड में आठवीं तक की पढ़ाई करने वाले आधे बच्चे 11वीं की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का सकल नामांकन अनुपात (ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो) क्लास वार कम हो रहा है।
प्राइमरी, अपर प्राइमरी, सेकेंडरी और अपर सेकेंडरी में जैसे-जैसे ऊपर के क्लास आ रहे हैं, लगातार ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो कम हो रहा है। राज्य के प्राइमरी स्कूलों (पहली से पांचवीं कक्षा वाले) में 92.19 फीसदी बच्चे नामांकित हैं। जबकि अपर प्राइमरी (छठी से आठवीं) में यह आंकड़ा 83.26 फीसदी है। हाई स्कूल (नौवीं-10वीं) जाते-जाते घट कर 62.59 फीसदी हो जाता है। वहीं, हाइयर सेकेंडरी (11वीं-12वीं) में 41.29 फीसदी ही पढ़ाई कर पा रहे हैं।
राज्य के प्राइमरी स्कूलों में 92.02 फीसदी छात्र, जबकि 93.22 फीसदी छात्राएं नामांकित हैं। चतरा, देवघर, गढ़वा, गिरिडीह, गोड्डा, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम, साहिबगंज में 100 फीसदी से ज्यादा नामांकन हुआ है। वहीं, धनबाद, पूर्वी सिहंभूम ऐसे जिले हैं, जहां 70 फीसदी से कम नामांकन है।
वहीं, अपर प्राइमरी में 82.41 फीसदी लड़कों और 84.17 फीसदी लड़कियों का नामांकन है। इसमें सिर्फ साहिबगंज, कोडरमा, पलामू में ही 95 फीसदी से अधिक का नामांकन है, जबकि 70 फीसदी कम नामांकन में धनबाद व सरायकेला खरसावां जिला है। यही हाल हाईस्कूलों के लिए भी है। यहां लड़कों का ग्रास एनरॉलमेंट रेशियो 59.82 फीसदी है, जबकि लड़कियों का 64.67 फीसदी है।
इसमें कोडरमा, लोहरदगा, पलामू, रांची में 70 फीसदी से अधिक जीईआर है, जबकि गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ व साहिबगंज में 50 फीसदी से भी कम है। इसी तरह हाइयर सेकेंडरी में 39.83 फीसदी छात्र व 42.81 फीसदी छात्राओं का जीईआर है।
रांची का जाईआर 50 फीसदी से अधिक बोकारो, हजारीबाद, कोडरमा, पलामू, रामगढ़, रांची का जाईआर 50 फीसदी से अधिक है। वहीं, सबसे कम पाकुड़ का 19 फीसदी, चतरा, दुमका, गोड्डा, गोड्डा, जामताड़ा, साहिबगंज व सिमडेगा में 30 फीसदी से कम जीईआर है।
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